शुक्रवार 25 सितंबर 2026 - 07:00
नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ जागरूकता, नैतिकता और अच्छा चरित्र देना जरूरी है: मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी

मदरसा हुसैनिया बड़ा गांव घोसी में “हुसैनी तब्लीगी मिशन” के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय शैक्षिक एवं प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने शिक्षा और प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को केवल डिग्री और जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे जागरूकता, अच्छे संस्कार, अच्छा चरित्र, सेवा और जिम्मेदारी का एहसास कराना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज की वैचारिक और नैतिक तरबीयत मेंउलमेमा शिक्षक और बुद्धिजीवी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मदरसा हुसैनिया बड़ा गांव घोसी में “हुसैनी तब्लीगी मिशन” के नाम से आयोजित एक दिवसीय शैक्षिक एवं प्रशिक्षण सम्मेलन में मदरसा हुसैनिया के प्रबंधक मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने उलेमा, वाएज़ीन, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और सम्मेलन में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताब पढ़ लेने का नाम नहीं है, बल्कि शिक्षा का उद्देश्य इंसान को बेहतर इंसान बनाना है। इसलिए नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ जागरूकता, नैतिकता, अच्छा चरित्र, सेवा, ईमानदारी और जिम्मेदारी का एहसास कराना जरूरी है।

अपने आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक दिवसीय शैक्षिक एवं प्रशिक्षण सम्मेलन “हुसैनी तब्लीगी मिशन” के नाम से आयोजित किया गया। इसमें सम्मानित उलेमा, वाएजीन, बुद्धिजीवियों और शिक्षकों की भागीदारी हमारे लिए केवल खुशी का कारण नहीं, बल्कि एक महान इल्मी और आध्यात्मिक पूंजी है।

मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने सबसे पहले अल्लाह का शुक्र अदा करते हुए कहा कि उसने ज्ञान, उलेमा और विद्वानों की पवित्र सभा में अपने विचार रखने का अवसर दिया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन या उसके शीर्षक में किसी कमी की स्थिति में सुधार और क्षमा की भी अपील की।

इल्म में लगातार वृद्धि की आवश्यकता

उन्होंने कुरआन मजीद की आयत “وَقُلْ رَبِّ زِدْنِي عِلْمًا” का उल्लेख करते हुए कहा कि अल्लाह ने अपने हबीब हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (स) को भी ज्ञान में वृद्धि की दुआ सिखाई। इससे स्पष्ट होता है कि इंसान किसी एक मक़ाम पर पहुंचकर यह नहीं समझ सकता कि अब उसे आगे ज्ञान की जरूरत नहीं है, बल्कि उसे हर समय ज्ञान प्राप्त करते रहना चाहिए।

उन्होंने ज्ञान के महत्व को बताते हुए हदीस “طَلَبُ الْعِلْمِ فَرِيضَةٌ عَلَى كُلِّ مُسْلِمٍ” का उल्लेख किया और कहा कि ज्ञान प्राप्त करना हर मुसलमान की जिम्मेदारी है।

नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ जागरूकता, नैतिकता और अच्छा चरित्र देना जरूरी है: मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी

मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने कहा कि आज के इस सम्मेलन का मूल संदेश भी यही है कि शिक्षा केवल किताब पढ़ लेने का नाम नहीं है, बल्कि शिक्षा इंसान को बेहतर इंसान बनाने का माध्यम है। शिक्षा इंसान को ज्ञान देती है, ज्ञान जागरूकता पैदा करता है, जागरूकता जिम्मेदारी का एहसास कराती है और प्रशिक्षण उस जिम्मेदारी को सही तरीके से निभाना सिखाता है।

नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ प्रशिक्षण देने पर जोर

उन्होंने कहा कि हमें अपनी नई पीढ़ी को केवल डिग्री नहीं, बल्कि योग्यता भी देनी है। केवल जानकारी नहीं, बल्कि जागरूकता भी देनी है और केवल सफलता का रास्ता नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र का रास्ता भी दिखाना है।

उन्होंने कहा कि आज का बच्चा कल का आलिम, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, बुद्धिजीवी या समाज का नेता बन सकता है, लेकिन असली सवाल यह है कि हम उसे क्या देकर विदा कर रहे हैं। अगर हमने उसे केवल शिक्षा दी और प्रशिक्षण नहीं दिया, तो संभव है कि वह एक सफल इंसान बन जाए, लेकिन जरूरी नहीं कि वह एक अच्छा इंसान भी बने।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हमने नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ नैतिकता, अच्छा चरित्र, सेवा, ईमानदारी, सहनशीलता, सम्मान और जिम्मेदारी सिखा दी, तो यही बच्चे भविष्य में समाज की ताकत बनेंगे।

नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ जागरूकता, नैतिकता और अच्छा चरित्र देना जरूरी है: मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी

उलेमा, वाएज़ीन और शिक्षकों की भूमिका

मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने उलेमा और वाएज़ीन को संबोधित करते हुए कहा कि वे समाज के वैचारिक मार्गदर्शक हैं। उनकी बातें केवल एक सभा तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि उनके शब्द घरों तक पहुंचते हैं, दिलों पर असर डालते हैं और पीढ़ियों की तरबीयत करते हैं।

उन्होंने कहा कि इसी तरह शिक्षक और बुद्धिजीवी नई पीढ़ी के वैचारिक निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज जरूरत इस बात की है कि धार्मिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा के बीच मजबूत संबंध स्थापित किया जाए। ज्ञान के साथ चरित्र, विकास के साथ नैतिकता और आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान भी सुरक्षित रखी जाए।

उन्होंने कहा कि अगर हम अपनी नई पीढ़ी को शिक्षित, चरित्रवान, योग्य और जिम्मेदार बना दें, तो यही हमारी वास्तविक प्रगति होगी।

उलेमा और सम्मेलन में शामिल लोगों का आभार

मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने सम्मेलन में शामिल सभी उलेमा, वाएज़ीन, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी ने अपना बहुमूल्य समय निकाला, निमंत्रण स्वीकार किया, अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और अपने ज्ञान एवं अनुभव से उपस्थित लोगों को लाभान्वित किया।

उन्होंने उन सभी लोगों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पर्दे के पीछे रहकर मेहनत की, अपना समय दिया और अपनी क्षमताओं का उपयोग किया।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त किया जाए, ज्ञान को अमल से जोड़ा जाए, अमल को चरित्र बनाया जाए और अपने चरित्र के माध्यम से समाज का निर्माण किया जाए।

नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ जागरूकता, नैतिकता और अच्छा चरित्र देना जरूरी है: मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी

अंत में मौलाना काज़िम हुसैन मज़हरी ने अल्लाह की बारगाह में दुआ करते हुए कहा कि पालनहार चौदह मासूमीन (अ) के सदके सभी को लाभकारी ज्ञान प्रदान करे, उलेमा और शिक्षकों की तौफ़ीक़ात में वृद्धि करे, नई पीढ़ी को शिक्षा और प्रशिक्षण की दौलत से मालामाल करे और इस सम्मेलन को समाज की इल्मी, नैतिक और वैचारिक प्रगति का माध्यम बनाए।

उन्होंने दुआ की कि अल्लाह इस सभा को स्वीकार करे और सभी को ज्ञान सीखने, उस पर अमल करने और उसे दूसरों तक पहुंचाने की तौफीक प्रदान करे।

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha